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Thursday, 14 November 2019

UGVCL (Uttar Gujarat Vij Company Limited) Jobs Notification 2019  Post Apply Online

UGVCL (Uttar Gujarat Vij Company Limited) Has Released Jobs Notification For 09 Deputy Superintendent Posts. qualified And Interested Candidates can do all the Apply Online On Or Before 30-11-2019. (30 November 2019). Further detailed information on academic education, age, selection process, exam pattern, with respect to course for UGVCL (Uttar Gujarat Vij Company Limited) Jobs 2019 - 09 Deputy Superintendent Post is mentioned below

UGVCL (Uttar Gujarat Vij Company Limited) Jobs 2019 Detailed Jobs Information -

Total Post Of No. -
09 posts

Name And No. of Posts -
1. Deputy Superintendent (Accounts) - 09 posts

Age Criteria -
Candidates This is your age should be between 40 Years Candidates age relaxation of the rules of the post For Post wise Age Details Go To Detailed Advertisement

Educational Education -
Candidates should have done CA/ CMA/ M.Com/ MBA (Finance) or its equivalent Education from a recognized university. For Post Wise Education Go To Detailed Advertisement

Selection Process - All Eligible Candidates will Be Selected Based on Their Performance In Written Exam, Interview .

Pay Scale -
Rs. 35700 - 82100/- Per month .

Application Fee -
General/Obc Interested candidates for the application fee is here - 250/- & All other interested candidates (PH / ST / SC) application fee is here - 250/-

How To Apply -
All the eligible candidates online application via the official website can be filled http://ugvcl.com before or on 30-11-2019..

Important Dates
-
The Deadline For Online Registration Of Applications Is: 30-11-2019. .
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Friday, 1 December 2017

गुजरात चुनावः कांग्रेस के फैसले में सबसे ज्यादा उम्मीदवारों के साथ आपराधिक मामले हैं, भाजपा में अधिक करोड़पति हैं, एडीआर मिलते हैं Gujarat elections: Congress fields most candidates with criminal cases, BJP has more crorepatis, finds ADR

एडीआर द्वारा 923 उम्मीदवारों के शपथ पत्रों का विश्लेषण दर्शाता है कि कांग्रेस में 31 (36%) उम्मीदवार हैं, जबकि आपराधिक मामले हैं, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा ने 22 (25%) उम्मीदवारों को आपराधिक रिकॉर्ड के साथ मैदान में उतारा है।

एडीआर ने 21 निर्वाचन क्षेत्रों को संवेदनशील बताया है, जिनमें से प्रत्येक सीट में कम से कम तीन उम्मीदवार हैं, जिनमें आपराधिक मामले हैं। सात ऐसे उम्मीदवारों के साथ, जामनगर नॉर्थ सीट चार्ट में सबसे ऊपर है 

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की एक रिपोर्ट शुक्रवार को जारी की गई जिसमें 9 दिसंबर को प्रथम चरण में 9 0 सीटों पर चुनाव होने जा रहे हैं। 

 एडीआर द्वारा 923 उम्मीदवारों के शपथ पत्रों का विश्लेषण दर्शाता है कि कांग्रेस में 31 (36%) उम्मीदवार हैं, जबकि आपराधिक मामले हैं, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा ने 22 (25%) उम्मीदवारों को आपराधिक रिकॉर्ड के साथ मैदान में उतारा है।

पहले चरण में 60 सीटों पर चुनाव लड़ा जाने वाली मायावती की बसपा ने आठ ऐसे उम्मीदवारों को नामित किया है जबकि एनसीपी के तीन उम्मीदवारों में से 28 में से बाहर का अपराधी है। 

भारतीय आदिवासी पार्टी के अध्यक्ष और डीडीयापदा के उम्मीदवार महेश वसाव के खिलाफ उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। वह 23 मामलों में शामिल हैं जिनमें हत्या, डाकू और डकैती शामिल है। कांग्रेस ने इस दल को 5 जनजातीय आरक्षित सीटें दे दी हैं, जिसमें झगड़िया के उम्मीदवार के रूप में आदिवासी दिग्गज छोटाभाई वसाव हैं।

महेश के पिता छोटुभाई, अगस्त में राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार अहमद पटेल के लिए क्रॉस वोटिंग के बाद जद (यू) छोड़ गए थे। 

एडीआर ने 21 निर्वाचन क्षेत्रों को संवेदनशील बताया है, जिनमें से प्रत्येक सीट में कम से कम तीन उम्मीदवार हैं, जिनमें आपराधिक मामले हैं। सात ऐसे उम्मीदवारों के साथ, जामनगर नॉर्थ सीट चार्ट में सबसे ऊपर है

महिलाओं का प्रतिनिधित्व 6% 

एडीआर के विश्लेषण में यह भी पता चलता है कि कुल 977 उम्मीदवारों में से केवल 6% या 57 महिलाएं हैं। 

2014 में भाजपा ने स्थानीय निकाय चुनावों में महिलाओं को 33 से 50% तक आरक्षण देने और 300 से अधिक स्थानीय निकायों में 2015 में मतदान करने के लिए आरक्षण किया, महिलाओं का प्रतिनिधित्व पुरुष के बराबर है। लेकिन, विधानसभा चुनावों में अनुपात काफी खराब है।

भाजपा में सबसे अधिक करोड़पति हैं 

चुनाव में 198 करोड़पति उम्मीदवार भी देखेंगे। दिल्ली स्थित थिंक टैंक के मुताबिक, "प्रति उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 2.16 करोड़ रुपये है।" 

 ऐसे उम्मीदवारों की सूची में सबसे ऊपर 76 उम्मीदवारों के साथ बीजेपी सबसे ऊपर है, इसके बाद कांग्रेस 60 और 25 अपक्षों के साथ है।

आम आदमी पार्टी ने 1 9 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जिसमें छह करोड़पति उम्मीदवार हैं।

 राजकोट पश्चिम से मुख्यमंत्री विजय रुपानी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के इंद्रिनिल राजगुरु 141 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति वाले सबसे धनी उम्मीदवार हैं। 

 इस सीट पर चुनाव मैदान में भी स्वतंत्र उम्मीदवार धर्मेश उपाध्याय हैं, जो कि 600 घोषित संपत्तियों के साथ सबसे गरीब उम्मीदवारों में से हैं।

100 करोड़ के क्लब में दो और उम्मीदवार पूर्व भाजपा मंत्री सौरभ पटेल (123 करोड़ रूपए) और भाजपा वाधवान उम्मीदवार धनजी पटेल (113 करोड़ रूपए) हैं।

जितने से अधिक 127 (14%) उम्मीदवारों ने पैन विवरण नहीं घोषित किया है। 

उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता 'वाइब्रेंट' गुजरात के लिए आशाजनक नहीं लगती।

अधिकांश उम्मीदवारों - 580 - ने कक्षा 5 और 12 के बीच ही पढ़ाई की है जबकि 23% स्नातक, 8% सिर्फ साक्षरता, और 2% निरक्षर हैं। 
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Wednesday, 25 October 2017

चीफ इलेक्शन कमिश्नर से हिमाचल प्रदेश और गुजरात में चुनाव की तारीखों पर सवाल किया गया था। (Chief Election Commissioner was questioned on the dates of elections in Himachal Pradesh and Gujarat.) 
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बुधवार को गुजरात चुनाव की तारीखों के बाद चीफ इलेक्शन कमिश्नर अचल कुमार जोति ने मीडिया के सवालों के जवाब दिए। नई दिल्ली. इलेक्शन कमीशन ने इस बात से इनकार किया है कि गुजरात असेंबली इलेक्शन के डेट अनाउंसमेंट में केंद्र से किसी तरह की कोई मिलीभगत की गई है। बुधवार को गुजरात चुनाव की तारीखों के बाद चीफ इलेक्शन कमिश्नर अचल कुमार जोति ने मीडिया के सवालों के जवाब दिए। कांग्रेस ने आरोप लगाया था इलेक्शन कमीशन ने नरेंद्र मोदी की रैली की वजह से हिमाचल प्रदेश के साथ गुजरात के चुनाव की तारीखों का एलान नहीं किया। अब इलेक्शन कमीशन ने इस बात से साफ इनकार किया है।

कई पहलुओं पर विचार किया गया

चीफ इलेक्शन कमिश्नर से हिमाचल प्रदेश और गुजरात में चुनाव की तारीखों पर सवाल किया गया था। जोति से अपोजिशन के उस आरोप पर सवाल किया गया था जिसमें कहा गया था गुजरात में डेट अनाउंसमेंट को लेकर केंद्र सरकार और इलेक्शन कमीशन के बीच कुछ सहमति थी। - इस पर जोति ने कहा- मिलीभगत का कोई सवाल ही नहीं उठता। मैं पहले ही साफ कर चुका हूं कि चुनाव की तारीखों का एलान करने के पहले कई चीजों पर विचार करना होता है।


फैसला गलत नहीं - 

जोति से ये भी पूछा गया कि क्या चुनाव आयोग का यह फैसला नहीं है, जिसकी वजह से गुजरात सरकार को नई प्रोजेक्ट्स और स्कीम्स अनाउंसमेंट का मौका मिल गया। क्योंकि, हिमाचल प्रदेश का शेड्यूल पहले डिक्लेयर कर दिया गया। इस पर चीफ इलेक्शन कमिश्नर ने कहा- नहीं, मुझे एेसा नहीं लगता कि ये फैसला गलत था। - चीफ इलेक्शन कमिश्नर से जब ये पूछा गया कि कई पू‌र्व इलेक्शन कमिश्नर ये कह रहे हैं कि गुजरात चुनाव की तारीखों में देरी नहीं करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा- मैं उन लोगों के ओपिनियन पर कोई कमेंट नहीं करूंगा। हमने हालात को देखते हुए फैसला किया। उन्होंने कहा कि इस बारे में कानून के हिसाब से ही - जोति ने कहा कि गुजरात के चीफ सेक्रेटरी ने 25 सितंबर और 2 अक्टूबर को इलेक्शन कमीशन को लेटर लिखा था। उन्होंने कहा था कि अभी चुनाव की तारीखों का एलान नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि जुलाई में आई बाढ़ का रिहैबिलटेशन प्रोग्राम राज्य में चल रहा है।


गुजरात और हिमाचल में फर्क - 

जोति ने कहा कि गुजरात और हिमाचल के चुनाव का साथ एलान 2012 में किया गया था। लेकिन, तब भी शेड्यूल अलग थे। दोनों राज्यों में मौसम और बाकी चीजों का काफी फर्क है।
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